जबलपुर के मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में करोड़ों के हिसाब का खेल! सरकारी कर्मचारी निकले आरोपी, महिला समेत 5 पर FIR—3 गिरफ्तार, कोर्ट से 3 दिन की रिमांड
मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में करोड़ों के हिसाब का खेल! सरकारी कर्मचारी निकले आरोपी, महिला समेत 5 पर FIR—3 गिरफ्तार, कोर्ट से 3 दिन की रिमांड

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैश शाखा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की शिकायत के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि महिला सहित दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट ने पुलिस को तीन दिन की रिमांड दी है।
मामला उस कैश शाखा से जुड़ा है, जहां मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से संबंधित विभिन्न मदों में प्राप्त होने वाली राशि का हिसाब-किताब रखा जाता है। शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार 456 रुपये की राशि से जुड़े हिसाब का उल्लेख सामने आया है। वहीं जांच में 67 लाख 37 हजार 611 रुपये के कथित वित्तीय अंतर की बात भी सामने आई है। इतनी बड़ी रकम में कथित अंतर सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति बनी।
सरकारी कर्मचारी ही जांच के घेरे में,
मामले की सबसे अहम बात यह है कि FIR में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा से जुड़े कर्मचारी बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैश शाखा में रकम की एंट्री, रसीद, बैंक में जमा राशि और रिकॉर्ड का रखरखाव किस तरह किया जाता था और कथित अंतर किस स्तर पर सामने आया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भानु सिंह शाक्यवार, अरविन्द धुर्वे और विशाल सराठे को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस को तीन दिन की रिमांड मिली है। अब रिमांड अवधि में पुलिस आरोपियों से कैश शाखा में उनकी जिम्मेदारियों, लेन-देन और रिकॉर्ड से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है।
महिला सहित दो आरोपी फरार
इस मामले में मनोहर केवट और साधना चंदौल के नाम भी FIR में दर्ज बताए गए हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं। इनमें साधना चंदौल महिला आरोपी बताई जा रही हैं। गढ़ा थाना पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वित्तीय अनियमितता में फरार आरोपियों की क्या भूमिका रही और रिकॉर्ड में सामने आए अंतर से उनका किस तरह संबंध है।
67 लाख से ज्यादा के कथित अंतर ने बढ़ाए सवाल,
जांच में सामने आए 67 लाख 37 हजार 611 रुपये के कथित वित्तीय अंतर ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस अब कैश बुक, रसीद बुक, बैंक स्टेटमेंट, जमा पर्चियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि रिकॉर्ड में दर्ज रकम और बैंक में जमा वास्तविक राशि के बीच अंतर आखिर क्यों आया।
तीन दिन की रिमांड में खुलेगा राज?
तीन गिरफ्तार आरोपियों की तीन दिन की पुलिस रिमांड को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। गढ़ा थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ी कब से चल रही थी, किन-किन रिकॉर्ड में अंतर पाया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला सिर्फ रिकॉर्ड में हेरफेर तक सीमित तो नहीं है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। फरार महिला सहित दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
फिलहाल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैश शाखा से जुड़े इस कथित वित्तीय अनियमितता मामले में तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि मनोहर केवट और साधना चंदौल की तलाश जारी है। अब पुलिस की जांच और रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ पर सबकी नजर है। हालांकि कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



