नगर निगम की खरीदी पर बड़ा बवाल! अमरीश मिश्रा का महापौर पर गंभीर आरोप—55 लाख की मशीन 1.10 करोड़ में क्यों?

जबलपुर। नगर निगम में मशीनों और वाहनों की खरीदी को लेकर कांग्रेस ने नगर सत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस पार्षद अमरीश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महापौर और एमआईसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खरीदी प्रक्रिया में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
55 से 60 लाख की मशीन, कीमत बताई 1.10 करोड़!
अमरीश मिश्रा का आरोप है कि जिस गड्ढा खोदने वाली मशीन की वास्तविक कीमत करीब 55 से 60 लाख रुपये के आसपास थी, उसी मशीन को नगर निगम ने लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये में खरीदा। कांग्रेस पार्षद ने सवाल उठाया कि आखिर कीमत में इतना बड़ा अंतर क्यों रहा और निगम के खजाने से अतिरिक्त राशि किस आधार पर खर्च की गई?
40 टिपर वाहनों की खरीदी पर भी सवाल,
मामला सिर्फ एक मशीन तक सीमित नहीं है। अमरीश मिश्रा ने नगर निगम द्वारा खरीदे गए 40 टिपर वाहनों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि वाहनों की खरीदी में बाहरी कंपनियों और लोगों को माध्यम बनाया गया, जबकि अधिकृत टाटा डीलरों को नजरअंदाज किया गया।
महापौर और एमआईसी से मांगा जवाब,
कांग्रेस पार्षद ने महापौर और एमआईसी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनता के पैसे से होने वाली प्रत्येक खरीदी में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। यदि खरीदी में नियमों का पालन हुआ है तो टेंडर, तकनीकी मूल्यांकन, सप्लाई और भुगतान से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
जनता के पैसों का हिसाब कौन देगा?
अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि नगर निगम में इस तरह के सौदों से जनता के पैसों पर बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
फिलहाल अमरीश मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाहें महापौर, एमआईसी और नगर निगम प्रशासन के जवाब पर हैं। यदि खरीदी के दस्तावेजों में कीमतों और प्रक्रिया को लेकर कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय करने का सवाल भी उठेगा। वहीं नगर निगम का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।



