Madhya Pradesh

जबलपुर में बेखौफ बदमाशों का आतंक, आधी रात राहगीर को बनाया निशाना,कट्टे और चाकू के दम पर लूट

जबलपुर में बेखौफ बदमाशों का आतंक, आधी रात राहगीर को बनाया निशाना,कट्टे और चाकू के दम पर लूट

 

जबलपुर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। शहर की सड़कों पर अब आम नागरिक भी सुरक्षित नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला संजीवनी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां आधी रात अंधमूक बायपास फ्लाईओवर पर बदमाशों ने एक किसान को चाकू और कट्टे की नोक पर लूट लिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने पीड़ित से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए और खुद को बचाने के लिए उसका वीडियो भी बनवा लिया।

माढ़ोताल स्थित आईटीआई के सामने रहने वाले 32 वर्षीय पुष्पेन्द्र पटेल अपने ग्राम सेमरा स्थित खेत से फसल बिक्री की राशि लेकर स्कूटर से घर लौट रहे थे। रात करीब 12:10 बजे जैसे ही वह अंधमूक बायपास फ्लाईओवर पर पहुंचे, बिना नंबर की एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने चाकू दिखाकर उनके गले से चांदी की चेन और स्कूटर की डिक्की में रखे फसल बिक्री के 20 हजार रुपये लूट लिए।

कुछ ही देर बाद एक अन्य बाइक पर दो और बदमाश पहुंचे। उन्होंने कट्टा दिखाकर पुष्पेन्द्र का मोबाइल छीन लिया और गूगल पे के माध्यम से दो हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बदमाशों ने पीड़ित को धमकाते हुए उसका वीडियो भी बनाया, जिसमें जबरन कहलवाया गया कि उसने अपनी मर्जी से पैसे ट्रांसफर किए हैं। इतना ही नहीं, मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी भी हासिल करने की कोशिश की गई।

यह घटना केवल एक लूट नहीं, बल्कि शहर में बढ़ते अपराधों की भयावह तस्वीर पेश करती है। सवाल यह है कि आखिर शहर के प्रमुख बायपास और सुनसान मार्गों पर अपराधी इतनी आसानी से वारदात को कैसे अंजाम दे रहे हैं? क्या रात के समय पुलिस गश्त केवल कागजों तक सीमित रह गई है?

लगातार बढ़ रही लूट, झपटमारी, चाकूबाजी और राहगीरों को निशाना बनाने की घटनाओं ने आम जनता में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। अपराधियों में कानून का डर कम होता दिखाई दे रहा है, जबकि नागरिकों में भय बढ़ रहा है। खास बात यह है कि वारदात ऐसे क्षेत्र में हुई जहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।

संजीवनी नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर पुलिस की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते अपराधियों पर सख्ती नहीं की गई तो शहर में अपराध का यह ग्राफ और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

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