Madhya Pradesh

जबलपुर: FIR के बाद अभिषेक पाठक कहां? गिरफ्तारी में देरी पर उठे बड़े सवाल, पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर

जबलपुर। शराब दुकानों से कथित तौर पर रकम मांगने और दबाव बनाने के आरोप में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक के खिलाफ 22 सितंबर को गढ़ा थाने में FIR दर्ज होने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में है। शिकायतकर्ता निखिल सोनी की शिकायत पर दर्ज प्रकरण में तीन शराब दुकानों से कुल 60 हजार रुपये प्रतिमाह मांगने का आरोप लगाया गया है। मामला दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उनकी गिरफ्तारी और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है।

FIR दर्ज हुई तो कार्रवाई की रफ्तार कहां है?
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की प्रक्रिया है। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर अभिषेक पाठक पुलिस के सामने कब आएंगे? अगर पुलिस उनकी तलाश कर रही है तो तलाश किन ठिकानों पर की जा रही है और अब तक क्या जानकारी सामने आई है—यह सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा में है।

गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा की भूमिका अहम,
पूरे मामले में गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा और जांच टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान, कथित ऑडियो-वीडियो, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करनी है। जांच का हर कदम इस बात को स्पष्ट करने में अहम होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं।

पुलिस का दावा—तलाश जारी,
पुलिस की ओर से यदि अभिषेक पाठक की तलाश और संभावित ठिकानों पर दबिश की कार्रवाई की जा रही है, तो अब सवाल यह है कि इसका परिणाम कब सामने आएगा। यदि पुलिस को उनके दूसरे जिले में होने की सूचना मिलती है, तो संबंधित स्थानों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाश की जा सकती है। जनता की नजर अब इसी बात पर है कि पुलिस कब उन्हें सामने लाकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई करती है।

क्या किसी ने दी है फरारी में मदद?
मामले में एक और सवाल चर्चा में है—अगर कोई आरोपी पुलिस की कार्रवाई से बच रहा हो तो क्या उसे किसी व्यक्ति की मदद मिल रही है? हालांकि बिना ठोस प्रमाण के किसी व्यक्ति या पुलिसकर्मी पर संरक्षण देने का आरोप लगाना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर पुलिस कार्रवाई से बचाने में मदद करने की बात सामने आती है, तो उसकी भूमिका की भी कानून के मुताबिक जांच होनी चाहिए।

60 हजार रुपये की कथित मांग बनी जांच का केंद्र,
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन शराब दुकानों से कुल 60 हजार रुपये प्रतिमाह मांगे जा रहे थे और रकम नहीं देने पर दबाव बनाने तथा दुकान बंद कराने की धमकी दी गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब जांच का महत्वपूर्ण सवाल यही है कि कथित रकम मांगने के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र साक्ष्य उपलब्ध है या नहीं।

वायरल ऑडियो पर आमने-सामने दावे,
मामले में वायरल ऑडियो भी महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है। शिकायतकर्ता पक्ष इसे कथित रकम मांगने से जोड़ रहा है, जबकि अभिषेक पाठक आरोपों से इनकार करते हुए दावा कर चुके हैं कि ऑडियो को काट-छांटकर पेश किया गया और बातचीत दुकान के किराये से संबंधित थी। अब पुलिस की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच यह स्पष्ट कर सकती है कि ऑडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का बदलाव किया गया है।

कांग्रेस नेता पर आरोप, लेकिन अंतिम फैसला जांच से,
यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, लेकिन कानूनी रूप से FIR में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं। अभिषेक पाठक पर आरोप लगना और आरोप सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं। पुलिस को शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों पक्षों के बयानों के साथ उपलब्ध डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की जांच करनी होगी।

अब पुलिस से सबसे बड़ा सवाल—कार्रवाई कब?
पूरे मामले में अब नजर गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा और जांच टीम की अगली कार्रवाई पर है। क्या अभिषेक पाठक को जल्द पूछताछ के लिए सामने लाया जाएगा? क्या पुलिस को उनकी लोकेशन मिली है? क्या कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच होगी? और क्या जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है?

इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की कार्रवाई से मिलेंगे। फिलहाल FIR दर्ज है, आरोप जांच के दायरे में हैं और अभिषेक पाठक की गिरफ्तारी की स्थिति ही इस पूरे मामले का अगला बड़ा घटनाक्रम होगी।

The Mirror MP

वेंकटेश कोरी — निदेशक एवं संपादक — The Mirror MP — जबलपुर में पिछले 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश कोरी ने लोकल, रीजनल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया/वेब के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया है। न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग, वॉयस ओवर, टॉक शो एवं ग्राउंड रिपोर्टिंग में व्यापक अनुभव रखने वाले वेंकटेश कोरी वर्तमान में अनेक नेशनल न्यूज़ चैनलों के लिए जबलपुर से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शैक्षणिक योग्यता : • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल • बैचलर ऑफ कॉमर्स (कंप्यूटर एप्लीकेशन) (B.Com CA) • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (BJC) • मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) • मास्टर ऑफ आर्ट्स फिलॉसफी (MA.Phil.) • वर्तमान में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (MJC) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

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