Madhya Pradesh

जबलपुर : जय सियाराम कहने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई, अभिभावक ने किया हंगामा तो स्कूल प्रबंधन ने घटना से किया इंकार

जय सियाराम कहने पर छात्र की बेरहमी से पिटाई, अभिभावक ने किया हंगामा तो स्कूल प्रबंधन ने घटना से किया इंकार

 

पूरे देश में सनातन की लहर गूंज रही है बाबा बागेश्वर से लेकर देश के सभी नामी कथावाचक और देश भर के फिल्म स्टार से लेकर हर कोई हिंदू यात्रा मैं शामिल हो रहे हैं बाबा का सिर्फ एक ही मकसद है कि देश को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए लेकिन ऐसे में जय सियाराम कहाँ पर एक छात्रा के साथ मारपीट की, इसके साथ ही छात्र को धमकी दी गई की स्कूल में गुड मॉर्निंग कहना होगा ना की जय सियाराम,

मध्यप्रदेश जबलपुर में “जय सियाराम” कहने पर एक 8वी के छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई। परिजनों ने आरोप लगाया पाटन तहसील स्थित मिस्पा मिशन स्कूल में 8वीं के छात्र कि बस इस बात से पिटाई कर दी गई की स्कूल में प्रवेश के दौरान गार्ड को “जय सियाराम” कहा, जिसके बाद स्कूल के उप-प्राचार्य ने नाराज़ होकर उसकी पिटाई कर दी। इस घटना के सामने आते ही अभिभावक और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और स्कूल प्रवन्धन के खिलाफ पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

दरअसल पूरी घटना पाटन थाना क्षेत्र स्थित मिस्पा मिशन स्कूल की 20 नवंबर की बताई जा रही है अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल खुलने के समय छात्र प्रबल सिंह राठौर ने गेट पर मौजूद गार्ड को सामान्य अभिवादन के रूप में “जय सियाराम” कहा था। इसी बीच स्कूल के उप-प्राचार्य राजेश खंडारे वहां पहुंचे और कथित रूप से धार्मिक नारे के उपयोग पर आपत्ति जताते हुए छात्र को पकड़कर मारपीट कर दी। जिसके बाद घटना से छात्र भयभीत हो गया और परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद छात्र के पिता देवेंद्र राठौर सहित अन्य अभिभावक स्कूल पहुंचे और कार्यवाही की मांग करते हुए हंगामा किया।

उनका आरोप है कि यह मिशनरी स्कूल हिंदू छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार कर रहा है। यहां जाति देखकर बच्चों के साथ भेदभाव किया जाता है अगर कोई हिंदू हो तो उसे प्रताड़ित किया जाता है। बजरंग दल के नेता रामनारायण लोधी ने कहा कि सिर्फ जय सियाराम कहने पर बच्चे को पीटना धार्मिक भेदभाव है। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द की जानी चाहिए। संगठन ने स्कूल प्रबंधन पर मिशनरी गतिविधियों के नाम पर हिंदू संस्कृति का विरोध करने का आरोप लगाया है।

इधर स्कूल के प्राचार्य सुनील दुबे ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि छात्र के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है बच्चों ने जिस तरह से जय श्री राम कहा उस बात पर उनको थोड़ा बुरा लगा इसलिए उन्होंने डांटा था ना की मारपीट की है। कुछ लोग मामले को जबरन तूल दे रहे हैं यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और भ्रम फैलाने वाली शिकायत है। प्रचार का कहना है कि हम खुद हिंदू हैं और स्कूल में सारे स्टाफ भी हिंदू है विवाद को राजनीतिक और धार्मिक रंग दिया जा रहा है और स्कूल की छवि खराब करने की साजिश है।

घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी गोपेन्द्र सिंह राजपूत स्कूल पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। उन्होंने बताया कि बच्चे के बयान, अभिभावकों की शिकायत और स्कूल प्रबंधन की प्रतिक्रिया दर्ज कर ली गई और प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। इसके इलावा सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे है। यदि मारपीट की पुष्टि होती है तो आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं छात्र प्रबल सिंह राठौर का कहना है कि वह रोज की तरह स्कूल में जाते ही गेट पर दादा से जय सियाराम कहता था। लेकिन वह जैसे ही अंदर गया और उसने सर से गुड मॉर्निंग कहा तभी उप-प्राचार्य ने दोनों हाथों से सिर पकड़ा औऱ घुमाते हुए उसे गुस्से में पकड़कर थप्पड़ मारे और कहा कि कल से स्कूल में गुड मॉर्निंग कहना होगा ना की जय सियाराम। छात्र के पिता ने कहा कि उनका बच्चा डर गया है और इस तरह की घटना स्कूल परिसर में किसी भी बच्चे के साथ नहीं होनी चाहिए।

बहरहाल बच्चों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मिस्पा मिशन स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच के बाद स्पष्ट होगा की स्कूल प्रबंधन जिन आरोपो को निराधार बता रहा है वह सही है या फिर वाकई में बच्चों के साथ जय सियाराम कहने पर मारपीट की गई है।

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