Madhya Pradesh

सरकार बेचेगी शराब, नीलामी के बाद बची 454 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए निगम-मंडल बनाने पर विचार

सरकार बेचेगी शराब, नीलामी के बाद बची 454 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए निगम-मंडल बनाने पर विचार

मध्यप्रदेश में मदिरा दुकानों की नीलामी के बाद 454 दुकानें अभी भी नहीं बिक सकीं, जिन्हें फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। सरकार अब इन दुकानों के संचालन के लिए निगम/मंडल बनाने पर विचार कर रही है और 30% से कम ऑफर स्वीकार नहीं करेगी

प्रदेश में मदिरा दुकानों की नीलामी प्रक्रिया के बाद बची दुकानों को लेकर सरकार ने बड़ा इरादा जाहिर किया है। आबकारी विभाग के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की वर्चुअल बैठक में 12 दौर की नीलामी के बाद भी शेष रह गई दुकानों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 454 दुकानों के संचालन के लिए आबकारी विभाग के निगम या मंडल गठित कर संचालन की संभावनाएं तलाशने का सुझाव आया। हालांकि, अभी इस पर निर्णय होना है। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर और आयुक्त आबकारी दीपक कुमार सक्सेना शामिल रहे। सभी ने नीलामी प्रक्रिया की प्रगति और शेष दुकानों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।

प्रदेश में अभी भी 454 मदिरा दुकानें ऐसी हैं, जिनका निपटान नहीं हो सका है। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से भी कम हैं, इसलिए इन्हें फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। समिति ने फैसला लिया है कि अब 30% से कम के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आगे होने वाले 13 वें चरण में भी ई-टेंडर के जरिए ही नीलामी होगी और ऑफसेट प्राइस अधिकतम 30% तक ही कम रखा जाएगा। इस चरण में भी ऑक्शन प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो नीलामी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में कुल 1,396 दुकानों की नीलामी हो सकी। इन दुकानों से करीब 16,637 करोड़ रुपये का राजस्व सुनिश्चित हुआ, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 34.13 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, कुछ श्रेणियों में बोली अपेक्षा से कम रही। -30% से -40% तक के ऑफर में 106 दुकानों के लिए लगभग 8,699 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले करीब 5,550 करोड़ रुपये के ऑफर प्राप्त हुए। इसी तरह -40% से -50% श्रेणी में 132 दुकानों के लिए 10,101 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले करीब 5,517 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले। वहीं 215 दुकानों में -50% से भी कम के ऑफर आए। बारहवें दौर की नीलामी में 193 दुकानों का निपटान हुआ, जिससे लगभग 1,216 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

The Mirror MP

वेंकटेश कोरी — निदेशक एवं संपादक — The Mirror MP — जबलपुर में पिछले 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश कोरी ने लोकल, रीजनल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया/वेब के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया है। न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग, वॉयस ओवर, टॉक शो एवं ग्राउंड रिपोर्टिंग में व्यापक अनुभव रखने वाले वेंकटेश कोरी वर्तमान में अनेक नेशनल न्यूज़ चैनलों के लिए जबलपुर से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शैक्षणिक योग्यता : • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल • बैचलर ऑफ कॉमर्स (कंप्यूटर एप्लीकेशन) (B.Com CA) • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (BJC) • मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) • मास्टर ऑफ आर्ट्स फिलॉसफी (MA.Phil.) • वर्तमान में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (MJC) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

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