Madhya Pradesh
हर थाना क्षेत्र में खून-खराबा, पुलिस नदारद: जबलपुर में अपराधियों का खुला राज
हर थाना क्षेत्र में खून-खराबा, पुलिस नदारद: जबलपुर में अपराधियों का खुला राज

जबलपुर शहर में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अब कोई भी इलाका सुरक्षित नजर नहीं आता। अधारताल से लेकर तिलवारा तक, हर थाना क्षेत्र में मारपीट, चाकूबाजी और रंगदारी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों में दिखाई दे रही है।
थाना अधारताल में 16 वर्षीय कृष्णा चौहान पर आयुष पंडा, मिर्ची और शिवा ने शराब के लिए पैसे न देने पर हमला कर दिया। ईंट से सिर फोड़ दिया गया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
गोराबाजार में प्रशांत जसेले को रोहित चौधरी उर्फ अड्डा ने 600 रुपये के लिए चाकू मार दिया। सवाल ये है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे है?
रांझी में रवि सिंह राजपूत के घर में घुसकर सम्मान कोल और राजदीप ठाकुर ने रंगदारी मांगी और चाकू से हमला कर घायल कर दिया। आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए, लेकिन पुलिस की कार्रवाई अब तक नजर नहीं आई।
गोहलपुर में अजय गुप्ता को सिर्फ 10 रुपये के खीरे के पैसे मांगने पर चाकू मार दिया गया। वहीं लकी चौधरी और उनके चाचा रवि चौधरी को शादी के दौरान शराब के पैसे को लेकर बुरी तरह पीटा गया और चाकू से हमला किया गया।
माढ़ोताल में राजा अहिरवार को मोहल्ले के राहुल ने नुकीली वस्तु से घायल कर दिया, जबकि तिलवारा में नरेन्द्र पटेल और उनके भाई अरविंद पटेल को कार विवाद में चाकू से हमला कर लहूलुहान कर दिया गया।
लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है। हर मामले में एफआईआर दर्ज कर “जांच जारी है” कहना अब जनता को संतुष्ट नहीं कर पा रहा।
बड़ा सवाल यही है—
जब हर इलाके में अपराध हो रहे हैं, तो पुलिस की गश्त और कार्रवाई आखिर कहां है? क्या अपराधियों को कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है?



