अवैध शराब बिक्री का नेटवर्क बेखौफ, गोहलपुर, अमखेरा, महाराजपुर और रद्दी चौकी अधारताल में नियमों की खुलेआम अनदेखी
अवैध शराब बिक्री का नेटवर्क बेखौफ, गोहलपुर, अमखेरा, महाराजपुर और रद्दी चौकी अधारताल में नियमों की खुलेआम अनदेखी

जबलपुर के गोहलपुर, अमखेरा, महाराजपुर और रद्दी चौकी क्षेत्र में अवैध आहातों और शराब बिक्री का खेल बिना किसी डर के लगातार जारी है। नियमों के मुताबिक निर्धारित समय के बाद शराब दुकानों को बंद कर दिया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शटर गिरने के बाद भी अंदरखाने से शराब की बिक्री बदस्तूर जारी रहती है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार यह कोई नई समस्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा एक संगठित सिलसिला है। देर रात तक ग्राहकों को चोरी-छिपे शराब उपलब्ध कराई जाती है और आसपास संचालित अवैध आहातों में खुलेआम शराब परोसी जाती है। खासतौर पर अधारताल के रद्दी चौकी इलाके में भी ऐसी गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह सब कुछ जिम्मेदार विभागों की मौजूदगी के बावजूद हो रहा है। लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग की निष्क्रियता और कमजोर निगरानी के कारण अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। यदि नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई हो, तो इस तरह नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाना संभव नहीं होना चाहिए।
अवैध आहातों के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ रहा है। आए दिन विवाद, झगड़े और हंगामे जैसी स्थितियां बनती हैं, जिससे आम नागरिकों, खासकर परिवारों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक यह अवैध कारोबार यूं ही चलता रहेगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है, या फिर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही इस नेटवर्क को अप्रत्यक्ष संरक्षण दे रही है?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन दिखावटी कार्रवाई के बजाय जमीनी स्तर पर सख्त अभियान चलाए, अवैध आहातों को तत्काल बंद कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो यह अवैध नेटवर्क और अधिक मजबूत होता जाएगा।



