कलेक्टर ने दिये सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन करने के निर्देश,12 दिसम्बर तक पूरी कर ली जाये सत्यापन की कार्यवाही
कलेक्टर ने दिये सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन करने के निर्देश,12 दिसम्बर तक पूरी कर ली जाये सत्यापन की कार्यवाही

जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने जिले में पदस्थ अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों एवं उप वन मंडलाधिकारियों को समर्थन मूल्य पर धान एवं मोटा अनाज बेचने के लिए पंजीकृत सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों का 12 दिसम्बर तक सत्यापन करने के निर्देश दिये हैं।
प्रदेश के कुछ जिलों में ई-उपार्जन पोर्टल पर सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के अनुबंध दस्तावेज अपलोड नहीं पाए जाने पर फर्जी पंजीयन की आशंका को देखते हुए जारी किये गये इस निर्देश में अधिकारियों को सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों का सत्यापन पंजीयन केंद्रवार खाद्य, सहकारिता और राजस्व विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल गठित करने कहा गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि खाद्य, सहकारिता और राजस्व विभाग का संयुक्त दल सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं के पंजीयन केंद्रों पर जाकर सिकमी और बटाईदार किसानों द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुबंध दस्तावेजों की भौतिक सत्यता की गहनता से जाँच करेगा। संयुक्त दल न केवल पोर्टल पर दर्ज रकबे और फसल का मिलान अपलोड किए गए अनुबंध से करेगा, बल्कि मूल भूमि स्वामी से भी संपर्क कर यह पुष्टि करेगा कि उन्होंने वास्तव में अपनी भूमि सिकमी या बटाई पर दी है या नहीं। इसी प्रकार, वन पट्टाधारी किसानों के दावों की पुष्टि वन विभाग के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
संयुक्त दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और कलेक्टर के अनुमोदन के बाद ही ई-उपार्जन पोर्टल पर डीएसओ लॉगिन से इसे अपडेट किया जाएगा। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक केवल वे ही किसान अपनी फसल बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग कर पाएंगे जिनका सत्यापन सफल रहेगा। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि 12 दिसंबर तक यह कार्यवाही हर हाल में पूर्ण कर ली जाए ताकि वास्तविक किसानों को उपज बेचने में कोई असुविधा न हो और संदिग्ध पंजीयनों को प्रणाली से बाहर किया जा सके।



