जबलपुर में इलाज के नाम पर काट दिए पैर, कटा हुआ पैर लेकर न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित,स्मार्ट सिटी अस्पताल की लापरवाही या बीमा का खेल,
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के स्मार्ट सिटी अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही और इंश्योरेंस क्लेम के लालच में मरीजों के पैर काटने का सनसनीखेज आरोप लगा है।जहा पीड़ित सुकून बाई और बसंती बाई को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा और उनके कार्यकर्ताओ द्वारा एसपी आफ़िस पहुचे और ज्ञापन सौपते हुए बताया की मामला गढ़ा थाना क्षेत्र के स्मार्ट सिटी अस्पताल का है, जिसमे सड़क हादसे में घायल हुए बसंती मल्लाह, सकुन बाई और राजू मल्लाह को भर्ती कराया गया था।
पीड़ितों का आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तब उनके पैरों की उंगलियां चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों ने सही इलाज करने के बजाय उनके पैरों पर प्लास्टर बांधकर ऊपर से पन्नी चढ़ा दी। उचित देखरेख के अभाव में घाव सड़ने लगे और दुर्गंध आने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने कथित तौर पर इंश्योरेंस के पैसे ऐंठने के चक्कर में उनके पैर काट दिए और उन्हें उम्र भर के लिए अपाहिज बना दिया।
न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ितों ने अब कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत पत्र के अनुसार, यह पूरी त्रासदी एक ट्रक (MP21ZD9367) द्वारा उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारने से शुरू हुई थी।
हादसे के बाद उन्हें पहले श्रीधाम अस्पताल और फिर वहां से स्मार्ट सिटी अस्पताल रेफर किया गया था। पीड़ितों का कहना है कि वे अस्पताल ठीक होने की उम्मीद से गए थे, लेकिन वहां की लापरवाही ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या इन बेबस लोगों को इंसाफ मिल पाएगा।