Madhya Pradesh

जबलपुर में पनागर के खेतों में वर्षों से सज रहा था जुए का फड़! SP की स्पेशल टीम का छापा, 17 जुआरी गिरफ्तार

परियत गांव में जुए के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई | ₹85 हजार नकद और 52 ताश के पत्ते जब्त | फड़ का मुखिया कृष्ण यादव और नाल काटने वाला अखिल फरार

जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र में लंबे समय से कथित तौर पर चल रहे जुए के फड़ पर SP की स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। परियत गांव के खेतों में चल रहे जुआ फड़ पर पुलिस टीम ने अचानक दबिश देकर मौके से 17 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 85 हजार रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते भी जब्त किए हैं।

बताया जा रहा है कि परियत गांव के खेतों में सुनसान जगह का फायदा उठाकर लंबे समय से जुए का फड़ संचालित किया जा रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम की दबिश पड़ते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए जुआ खेल रहे 17 लोगों को पकड़ लिया।

पुलिस कार्रवाई के दौरान फड़ से जुड़े बताए जा रहे कृष्ण यादव और अखिल मौके से फरार हो गए। स्थानीय स्तर पर कृष्ण यादव को कथित तौर पर जुआ फड़ का मुखिया, जबकि अखिल पर नाल काटने की भूमिका होने की बात सामने आई है। दोनों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।

₹85 हजार नकद और ताश के 52 पत्ते जब्त,
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 85 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा 52 ताश के पत्ते भी जब्त किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने जुआ खेलने और खिलाने से जुड़े लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

वर्षों से चल रहे फड़ पर अब उठे कई सवाल,
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि परियत गांव के खेतों में कथित तौर पर कई वर्षों से जुए का फड़ चल रहा था, तो स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी जिम्मेदारों तक क्यों नहीं पहुंची? क्या इस जुए के फड़ को किसी का संरक्षण हासिल था? अगर संरक्षण था तो आखिर किसका?

SP की स्पेशल टीम की कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच का विषय बन गया है कि इस फड़ का संचालन कौन कर रहा था, यहां जुआ खेलने वालों को कौन बुलाता था और जुए से होने वाली रकम का हिसाब-किताब किसके पास रहता था।

फिलहाल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार बताए जा रहे कृष्ण यादव और अखिल की तलाश कर रही है। पुलिस जांच में अगर फड़ के संचालन या संरक्षण से जुड़े अन्य नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

परियत गांव में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध जुए के कारोबार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच फरार आरोपियों तक पहुंचती है या फिर इस पूरे जुआ नेटवर्क के पीछे छिपे अन्य चेहरों का भी खुलासा होता है।

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