Madhya Pradesh

सिवनी में लोकायुक्त की दो बड़ी ट्रैप कार्रवाई, एएसआई और सहायक ग्रेड-3 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सिवनी में लोकायुक्त की दो बड़ी ट्रैप कार्रवाई, एएसआई और सहायक ग्रेड-3 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,एफआईआर में मदद और जीवन निर्वाह भत्ता दिलाने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत, लोकायुक्त जबलपुर की कार्रवाई से मचा हड़कंप

जबलपुर/सिवनी। लोकायुक्त जबलपुर ने मंगलवार को सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ दो बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और एक सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। लगातार हुई इन कार्रवाइयों से सरकारी महकमों में हड़कंप की स्थिति रही।

लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन और एसपी अंजूलता पटले के नेतृत्व में जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने यह कार्रवाई को अंजाम दिया।

एफआईआर में मदद के नाम पर एएसआई मांग रहा था रिश्वत-
पहले मामले में लोकायुक्त टीम ने थाना कोतवाली सिवनी में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक दिनेश रघुवंशी (57) को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी सिवनी के बस स्टैंड स्थित एक चाय की दुकान पर रिश्वत ले रहा था। लोकायुक्त के अनुसार छितापार निवासी नंदकिशोर चौरसिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे अभिषेक चौरसिया के साथ नौकरी दिलाने और सरकारी विभाग में वाहन लगवाने के नाम पर ठगी हुई थी। मामले में थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि जांच अधिकारी दिनेश रघुवंशी सही रिपोर्ट लगाने और फर्जी हस्ताक्षर की जांच करवाने के एवज में 30 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। बातचीत के बाद आरोपी 20 हजार रुपए लेने पर तैयार हो गया। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक शशिकला मस्कुले, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।

जीवन निर्वाह भत्ता जारी कराने के लिए मांगे थे 32 हजार-
दूसरी कार्रवाई में लोकायुक्त टीम ने विकासखंड अधिकारी कार्यालय धनौरा, जिला सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे (42) को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार सिरसाम ने लोकायुक्त को बताया था कि वह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा में भृत्य के पद पर पदस्थ हैं। पूर्व में वे भीमगढ़ स्कूल में पदस्थ थे, जहां उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद 14 माह के जीवन निर्वाह भत्ते की करीब 1 लाख 65 हजार रुपए की राशि निकालने के लिए उन्होंने विकासखंड अधिकारी कार्यालय धनौरा में संपर्क किया। आरोप है कि सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे ने भुगतान कराने के बदले 32 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। सत्यापन के दौरान आरोपी 25 हजार रुपए लेने को तैयार हो गया। तय योजना के तहत लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को उसे 10 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में टीआई जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।

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