Madhya Pradesh

जबलपुर में शराब के नशे में शराबी बोला,  20 हजार में खरीदी थी बाइक, गढ़ा यातायात के आरक्षण ने ट्रैफिक चेकिंग में पकड़ी चोरी की बाइक,

जबलपुर में शराब के नशे में शराबी बोला,  20 हजार में खरीदी थी बाइक, गढ़ा यातायात के आरक्षण ने ट्रैफिक चेकिंग में पकड़ी चोरी की बाइक,

जबलपुर में अधिक नशा करना एक शख्स को इस कदर भारी पड़ गया कि कुछ ही देर में वह शराब की दुकान से सीधे पुलिस लाकअप में पहुंच गया। ताजा मामला जबलपुर का है, जहां रविवार की रात करीब 10 बजे ट्राफिक पुलिस जब छोटी लाइन चौराहे में वाहनों की चेंकिग कर रही थी, उसी दौरान एक व्यक्ति शराब पीकर दुकान से बाहर निकला। पुलिस ने नो पार्किंग में वाहन खड़े करने को लेकर चालान काटा, तो उसने बिना देरी किए चालानी रसीद देने को तैयार हो गया। मौके पर मौजूद आरक्षक वीरेंद्र को शक हुआ तो उसने टीआई को जानकारी दी।
दस्तावेज नहीं थे,
आरक्षक वीरेंद्र युवक को पकड़कर ट्रैफिक टीआई इंदिरा ठाकुर के पास लेकर पुहंचा, और बताया कि इसने नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी थी, और जब इससे चालान कटवाने को कहा तो वह तैयार हो गया। पूछताछ के दौरान शख्स ने अपना नाम विजय, निवासी गढ़ा बताया। उनसे बताया कि राजेश जो कि रामपुर के पास रहता है, उससे 20 हजार रुपए में खरीदी थी, क्योंकि उसे रुपए की जरुरत थी। पुलिस के पूछने पर विजय राजेश का पता नहीं पता बता पाया। उसने बताया कि बाइक के दस्तावेज देने को कहा था, पर दिया नहीं। उसका कहना था कि वह जबलपुर में ही प्राइवेट जाब करता है, और साथ में नौकरी करता है।
दरअसल आरक्षक वीरेंद्र ने रोड किनारे खड़ी बाइक क्रमांक एमपी 20 एमएक्स 737 को देखा तो उसका आगे का एक नंबर गायब था। आमतौर पर वाहन प्लेट पर चार अंको के नंबर होते है, पर इस बाइक में तीन थे, जिसके बाद उसने फौरन टीआई की मौके पर बुलाया और बाइक दिखाई। पुलिस ने जब मौक पर ही बाइक की हिस्ट्री निकाली तो पता चला कि फर्जी रिजस्ट्रेशन डला हुआ था। चेसिस नंबर पर मिलान किया गया तो वाहन स्वामी का नंबर मिल गया, जिसने बताया कि दो साल पहले रामपुर से चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत उसने रामपुर पुलिस चौकी में की थी।
फिलहाल पुलिस ने बाइक और उसे चला रहे शख्स को गोरखपुर पुलिस थाने के हवाले कर दिया है, जिसके बाद आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर डीएसपी बीएन प्रजापति,टीआई इंदिरा ठाकुर,सूबेदार मनीष प्यासी और आरक्षक वीरेंद्र के द्रारा की गई।

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