Madhya Pradesh
जबलपुर में दरोगा से खरीदी थी 25000 में पिस्टल, अपराध होने से पहले ही क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
दरोगा से खरीदी थी 25000 में पिस्टल, अपराध होने से पहले ही क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार

जबलपुर जिले में अपराध करने की नियत से एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल तमरहाई मैदान मंदिर के पास से क्राइम ब्रांच और गोहलपुर थाना पुलिस ने एक आरोपी युवक को देसी पिस्टल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से खड़ा हुआ था जहां मुखबीर की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है आरोपी के पास से पुलिस ने एक देशी पिस्तौल के साथ जिंदा कारतूस भी बरामद किया है
थाना प्रभारी गोहलपुर रीतेश पाण्डे ने बताया कि क्राईम ब्रांच को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक उम्र लगभग 20-30 युवक जो सफेद रंग का लोवर एवं सफेद रंग की टीशर्ट पहने है अपने पास अवैध रूप से देशी पिस्टल रखे और कोई अपराध करने की नियत से एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल तमरहाई मैदान मंदिर के पास खड़ा है, सूचना पर थाना एवं क्राईम ब्रंाच की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर के बताये स्थान पर दबिश दी गई जहां मुखबिर के बताये हुलिये का युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया जिसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया,
आरोपी से नाम पता पूछने पर अपना नाम शहवाज उर्फ भांजे अंसारी पिता महबूब आलम अंसारी उम्र 30 वर्ष निवासी हकीम बाबा के बाजू में नई बस्ती गोहलपुर बताया जिसकी तलाशी लेने पर कमर मे देशी पिस्टल खोसे मिला, जिसकी मैगजीन में एक कारतूस लोड मिला। आरोपी से उक्त देशी पिस्टल एवं कारतूस के संबंध में पूछताछ करने पर लगभग 2 माह पहले दरोगा पाण्डे से 25 हजार रूपये में खरीदना बताया ।
दरोगा पाण्डे लगभग एक माह पहले पिस्टल बेचते हुये सिहोरा के पास पकड़ा गया था जो अभी जेल में है। आरोपी शहवाज उर्फ भांजे अंसारी के कब्जे से एक देशी पिस्टल एवं एक कारतूस जप्त करते हुये धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, पकड़ा गया आरोपी शहवाज उर्फ भांजे अंसारी आपराधिक प्रवृति का है जिसके विरूद्ध पूर्व से मारपीट के 6 अपराध पंजीबद्ध हैं।
उल्लेखनीय भूमिका- आरोपी को अवैध शस्त्र के साथ रंगे हाथ पकडने में सहायक उप निरीक्षक इमरान खान तथा क्राईम ब्रंाच के सहायक उप निरीक्षक कैलाश मिश्रा, अशोक मिश्रा, मोहन तिवारी, प्रधान आरक्षक सत्यसेन, वीरेन्द्र सिंह, मोहन सिंह, सत्येन्द्र यादव, आरक्षक रितेश शुक्ला, सतेन्द्र बिसेन, पंकज सिंह, प्रीतम उपाध्याय की सराहनीय भूमिका रही।



