Madhya Pradesh

जबलपुर के मांडवा में घरेलू कलह ने लिया खौफनाक रूप; समझाने आए साले के सिर पर ससुर ने किया प्राणघातक हमला, दोनों आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर के मांडवा में घरेलू कलह ने लिया खौफनाक रूप; समझाने आए साले के सिर पर ससुर ने किया प्राणघातक हमला, दोनों आरोपी गिरफ्तार

रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात जबलपुर के गोरखपुर थाना क्षेत्र के मांडवा रामपुर में सामने आई है। घर में खाने का राशन न होने की शिकायत करना एक विवाहिता को इतना भारी पड़ा कि उसके पति और बुजुर्ग ससुर ने मिलकर मायके वालों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में महिला के भाई के सिर पर तलवार से गहरा वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और ससुर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

जब भूख से तड़पी बेटी ने मां को लगाया फोन
घटना की शुरुआत 11 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे हुई। मांडवा रामपुर (टेंडर 1) की रहने वाली 30 वर्षीय सिदराग्यास अंसारी का विवाह वर्ष 2017 में आजाद हुसैन से हुआ था। शादी के बाद से ही दोनों में अनबन रहती थी, लेकिन हाल ही में विवाद तब बढ़ गया जब घर में खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया। सिदराग्यास ने रोते हुए अपनी मां नाजरा बेगम को फोन कर बताया कि उसका पति पिछले कई दिनों से घर में राशन और सब्जी नहीं ला रहा है। आज भी घर में खाने के लिए एक दाना नहीं है और वह भूखी है।

समझाने पहुंचे मायके वालों पर तलवार और चाकू से हमला
बेटी की बेबसी और भूख की बात सुनकर भाई आमिर अंसारी, भाभी अमरीन बेगम और मां नाजरा बेगम उसी रात करीब 10:15 बजे अपनी कार से बेटी के ससुराल पहुंचे। उन्होंने बेहद शांत तरीके से दामाद आजाद हुसैन और उसके परिवार को समझाने की कोशिश की। लेकिन अपनी जिम्मेदारी से भागने वाला पति आजाद हुसैन और उसका 74 वर्षीय पिता सज्जाद हुसैन अचानक आगबबूला हो गए। वे मायके वालों को भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। विवाद के दौरान गुस्साए ससुर सज्जाद हुसैन ने घर के अंदर से एक धारदार तलवार निकाली और जान से मारने की नीयत से आमिर अंसारी के सिर पर दे मारी। सिर कटते ही आमिर खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। इतने में पति आजाद हुसैन ने भी सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और आमिर के हाथ पर कई वार कर दिए।

बीच-बचाव करने वाली महिलाओं से भी बदसलूकी
जब मां नाजरा बेगम और भाभी अमरीन बेगम आमिर को बचाने के लिए आगे आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बर्बरता की, गाली-गलौज की और उन्हें जोर से धक्का देकर गिरा दिया। इसी बीच सिदराग्यास का बड़ा भाई निजामुद्दीन अंसारी अपने दोस्त मुकीत खान के साथ वहां पहुंच गया। उन्होंने किसी तरह हमलावरों को काबू में किया। मुकीत खान तुरंत घायल आमिर को स्कूटी पर बैठाकर गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सलाखों के पीछे पहुंचे हमलावर पति और ससुर
घटना के बाद, पीड़ित महिला सिदराग्यास अंसारी ने हिम्मत दिखाई और 12 मई 2026 की रात गोरखपुर थाने में पूरी वारदात की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। गोरखपुर पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 296(बी), 118(1), 109(1), और 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर 36 वर्षीय मुख्य आरोपी पति आजाद हुसैन और उसके 74 वर्षीय पिता सज्जाद हुसैन को अभिरक्षा में ले लिया है और मामले की आगे की विवेचना जारी है।

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