आधी रात के बाद खुलती है अपराध की दुकान! ट्रांसपोर्ट कारोबारी की हत्या से पुलिस पर फूटा लोगों का गुस्सा
आधी रात के बाद खुलती है अपराध की दुकान! ट्रांसपोर्ट कारोबारी की हत्या से पुलिस पर फूटा लोगों का गुस्सा

जबलपुर के मदन महल थाना क्षेत्र में देर रात हुई ट्रांसपोर्ट कारोबारी कपिल प्यासी की हत्या ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। चाकू से गोदकर की गई इस हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में मदन महल थाना पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात 12 बजे के बाद भी होटल, रेस्टोरेंट और अन्य ठिकाने खुले रहते हैं, जहां देर रात तक शराबखोरी, हुड़दंग और विवाद जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार, पूरी घटना मदन महल थाना क्षेत्र के यूको बैंक के पास एक रेस्टोरेंट के सामने की है। बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी कपिल प्यासी अपने भाई के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और विवाद के बाद चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कपिल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई अतुल प्यासी ने बताया कि कपिल प्यासी, निहाल सोंधिया और अंकुश सोंधिया के साथ पार्टी कर रहे थे। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर गाली-गलौज और विवाद शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने रास्ते में कपिल को रोककर उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद मदन महल थाना पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदन महल क्षेत्र में आधी रात के बाद तक खुले रहने वाले रेस्टोरेंट और अन्य ठिकाने अपराधियों के अड्डे बन चुके हैं। यहां देर रात तक शराब पार्टियां होती हैं, जिसके चलते आए दिन विवाद और अपराध की घटनाएं सामने आती हैं। बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिक नजर आती है।
लोगों का कहना है कि अगर मदन महल थाना पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, देर रात तक खुले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करती और नियमित गश्त होती, तो शायद आज कपिल प्यासी जिंदा होते।
अब इस हत्याकांड के बाद बड़ा सवाल यही है कि आखिर मदन महल में आधी रात के बाद किसके संरक्षण में ये सब चलता है? और कब तक पुलिस की लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
“रात 12 बजे के बाद भी मदन महल में सब कुछ खुलेआम चलता है, लेकिन पुलिस को कुछ नजर नहीं आता। अपराधियों को खुली छूट मिल चुकी है।”
आधी रात के बाद मदन महल में अपराधियों का राज! ट्रांसपोर्ट कारोबारी की हत्या से खुली पुलिस गश्त की हकीकत
देर रात खुले ठिकाने, बढ़ता अपराध! मदन महल में ट्रांसपोर्ट कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस पर सवाल



