Madhya Pradesh

एसपी की जनसुनवाई में सुनी गईं जनता की समस्याएं, पुलिस अधिकारियों को त्वरित वैधानिक कार्रवाई के सख्त निर्देश

जनता की शिकायतों पर SP सम्पत उपाध्याय का सीधा एक्शन! जनसुनवाई में 81 फरियादें, थाना प्रभारियों को समय-सीमा में समाधान के निर्देश

जबलपुर। आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनका समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई की। जनसुनवाई में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और एसपी सम्पत उपाध्याय ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं।

जनसुनवाई के दौरान कुल 81 शिकायतें सामने आईं। इनमें सबसे अधिक मामले पति-पत्नी एवं पारिवारिक विवाद, जमीन संबंधी विवाद, मारपीट और साइबर अपराध से जुड़े रहे। एसपी सम्पत उपाध्याय ने शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित मामलों में अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

फरियादियों को मिला कार्रवाई का भरोसा,
जनसुनवाई में पहुंचे लोगों को एसपी सम्पत उपाध्याय ने भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत की जांच कर समय-सीमा में वैधानिक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

एसपी के निर्देशों का उद्देश्य साफ है—फरियादी को अपनी समस्या लेकर बार-बार पुलिस कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायत का समाधान जिम्मेदारी के साथ किया जाए।

जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बी.एस. गोठरिया और उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकांक्षा उपाध्याय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

थानों और चौकियों में भी जनसुनवाई,
एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर केवल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ही नहीं, बल्कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न थानों एवं चौकियों में भी जनसुनवाई की गई। राजपत्रित अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों ने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके निराकरण की प्रक्रिया शुरू की।

जबलपुर पुलिस की इस पहल से साफ संदेश जाता है कि पुलिसिंग सिर्फ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिक की समस्या सुनना और उसे न्याय दिलाने की प्रक्रिया का हिस्सा भी है।

81 शिकायतों को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश देना पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाता है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जनसुनवाई में मिली शिकायतों का कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से निराकरण होता है।

जबलपुर के लिए यह जनसुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एसपी सम्पत उपाध्याय ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और नियमानुसार कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो।

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