जबलपुर में लुटेरों का आतंक! दो वारदातों से दहला शहर, आरोपी फरार
लुटेरों का आतंक! दो वारदातों से दहला शहर, आरोपी फरार—आखिर जिम्मेदार कौन?

जबलपुर में सामने आई लूट और मारपीट की दो अलग-अलग घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वारदात गोरखपुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां फल का ठेला लगाने वाले युवक ने पुरानी रंजिश के चलते रास्ता रोककर मारपीट और जेवर छीनने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी घटना माढ़ोताल थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां कॉलेज छात्र को चाकू दिखाकर पैसे और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराने का आरोप है।
रास्ता रोककर मारपीट, कार में जबरन बैठाने का आरोप,
गोरखपुर थाना पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक अंकित रैकवार 22 अगस्त की रात अपने दोस्त के साथ स्कूटी से खाना खाने जा रहा था। संजीवनी अस्पताल के सामने, टेंडर-1 मांडवा के पास राहुल साहू उर्फ काला और उसके दो साथियों ने कथित तौर पर रास्ता रोक लिया। शिकायत में पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
लालमाटी तक ले जाकर पाइप और डंडों से हमला,
शिकायतकर्ता के अनुसार उसका दोस्त मौके से भाग गया, जबकि उसे कथित तौर पर सफेद रंग की स्विफ्ट कार में जबरन बैठाकर लालमाटी-कांचघर मरघटाई के पास ले जाया गया। आरोप है कि वहां लोहे के पाइप और डंडों से हमला कर उसके सिर, हाथ-पैर और शरीर में चोटें पहुंचाई गईं।
चांदी की चेन और अंगूठी छीनने का आरोप,
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उसकी पहनी हुई चांदी की चेन और अंगूठी, करीब 8 हजार रुपये कीमत के जेवर, कथित तौर पर छीन लिए गए। इसके बाद उसे दमोहनाका ले जाकर कार से उतारने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कॉलेज छात्र को चाकू दिखाकर बनाया निशाना,
दूसरी वारदात माढ़ोताल थाना क्षेत्र में सामने आई। श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र अविनाश कुमार कॉलेज से प्रैक्टिकल परीक्षा देकर अपने कमरे की ओर पैदल जा रहा था। शिकायत के मुताबिक रास्ते में आयुष राजपूत ने उसे रोका और चाकू दिखाकर कथित तौर पर धमकाया और मारपीट की।
5 हजार नकद और UPI से रकम ट्रांसफर कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार छात्र को तिवारी रेस्टोरेंट ले जाया गया, जहां उससे पैसे मांगे गए। पैसे नहीं होने की बात कहने पर कथित तौर पर उसकी जेब से 5 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद मोबाइल का पासवर्ड लेकर UPI के जरिए एक अन्य खाते में 5 हजार रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप है। रेस्टोरेंट में चाय-नाश्ते का भुगतान कराने और धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।
दो घटनाएं, लेकिन सवाल एक—सुरक्षा व्यवस्था कहां है?
दोनों घटनाओं की शिकायतों में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के समय शहर में पुलिस की गश्त और निगरानी कितनी प्रभावी है? यदि सड़क पर लोगों को रोककर मारपीट, धमकी और कथित लूट की घटनाएं हो रही हैं, तो अपराधियों में पुलिस का डर कितना है?
आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती,
दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस के सामने आरोपियों को तलाशना, घटना में इस्तेमाल वाहन और हथियारों की जानकारी जुटाना तथा कथित तौर पर छीनी गई रकम और जेवर की बरामदगी करना बड़ी चुनौती है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
जनता पूछ रही है—अपराध रोकने की जिम्मेदारी किसकी?
जबलपुर जैसे शहर में लोगों को रात के समय सुरक्षित आवागमन का भरोसा होना जरूरी है। लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच जनता का सवाल है कि पुलिस गश्त को और प्रभावी कब बनाया जाएगा? संवेदनशील इलाकों में निगरानी कैसे बढ़ेगी और वारदातों के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी कितनी तेजी से होगी?
अब कार्रवाई से बनेगा भरोसा,
फिलहाल निगाहें गोरखपुर थाना पुलिस और माढ़ोताल थाना पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और घटनाओं में कौन-कौन शामिल था। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और अपराधियों के बीच कानून का खौफ कायम हो।
सवाल सिर्फ दो वारदातों का नहीं है—सवाल शहर की सुरक्षा का है। जनता जवाब चाहती है और अब उस जवाब की सबसे बड़ी कसौटी पुलिस की त्वरित जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।



