जबलपुर -3 साल में ढह गया 400 करोड़ का ब्रिज, शहपुरा के पास जबलपुर-भोपाल हाईवे पर हादसा, ठेका कम्पनी पर दर्ज़ होगी एफआईआर
3 साल में ढह गया 400 करोड़ का ब्रिज, शहपुरा के पास जबलपुर-भोपाल हाईवे पर हादसा, ठेका कम्पनी पर दर्ज़ होगी एफआईआर

जबलपुर भोपाल हाईवे के शहपुरा के समीप रेलवे ओवर ब्रिज का एक हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। ब्रिज गिरने से हाईवे का यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है ब्रिज का एक हिस्सा पिछले कई महीनो पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया था और इसका मेंटेनेंस का काम चल रहा था, इसी बीच रविवार की शाम को दूसरे रूट का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। यह रोड जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाला NH-45 कहलाता है।
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की निगरानी में 4 साल पहले ही यह ब्रिज बनकर तैयार हुआ था लेकिन इतने कम समय में रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा गिरने से इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ओवर ब्रिज का एक हिस्सा गिर जाने के चलते नेशनल हाईवे 45 पर आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और भोपाल और जबलपुर की ओर जाने वाली गाड़ियों को शहपुरा मार्ग से डायवर्ट किया गया है। स्थानीय लोग रेलवे ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं अब चूंकि ब्रिज का एक हिस्सा गिर जाने के बाद यह साबित हो गया है की सड़क और रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई है। करीब 400 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज और 56 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया गया था।
अब जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। एमपीआरडीसी के अधिकारियों के मुताबिक ठेकेदार फर्म को पहले ही ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है और गिरे हुए ब्रिज का निर्माण ठेका फर्म से ही कराया जाएगा। इस बीच सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी CRRI की टीम भी पूरे मामले की जांच करने के लिए जबलपुर पहुंच रही है। स्थानीय लोग इस हादसे के पीछे भ्रष्टाचार को बड़ी वजह मान रहे हैं, उनका कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से जमकर खिलवाड़ किया गया है जिसके चलते ही 400 करोड़ की लागत से बने ब्रिज का एक हिस्सा 3 साल में ही धराशाई हो गया।
जबलपुर से सुनील सेन की रिपोर्ट



