Madhya Pradesh

जबलपुर: अंधेरे में डूबा जबलपुर का मेडिकल अस्पताल! बिजली गुल होते ही मरीजों की सांसें अटकीं, खुली व्यवस्थाओं की पोल

अंधेरे में डूबा जबलपुर का मेडिकल अस्पताल! बिजली गुल होते ही मरीजों की सांसें अटकीं, खुली व्यवस्थाओं की पोल

जबलपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल में अचानक बिजली गुल होने से कुछ देर के लिए पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। जिस अस्पताल में हर दिन हजारों मरीज अपनी जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहां बिजली व्यवस्था ठप होने की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली जाते ही अस्पताल के कई वार्ड, गलियारे और विभाग प्रभावित हुए। अचानक अंधेरा छा जाने से मरीजों के परिजनों में घबराहट फैल गई। सबसे ज्यादा चिंता उन मरीजों को लेकर दिखाई दी जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिनका इलाज आधुनिक उपकरणों की मदद से किया जा रहा है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने बैकअप व्यवस्था शुरू करने का दावा किया, लेकिन कुछ समय तक बनी अव्यवस्था ने लोगों को डरा दिया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के बजट और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बावजूद प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में ऐसी स्थिति आखिर क्यों निर्मित हुई? यदि बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती तो मरीजों की सुरक्षा और इलाज की जिम्मेदारी कौन लेता? यह सवाल अब आम जनता भी पूछ रही है।

मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में पहले भी व्यवस्थाओं को लेकर कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन सुधार के नाम पर केवल दावे किए जाते हैं। अचानक बिजली गुल होने की इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की आपातकालीन तैयारियों की भी पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही सीधे मरीजों की जान से जुड़ा मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

प्रदेश भर से आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए मेडिकल अस्पताल ही सबसे बड़ी उम्मीद है। ऐसे में यदि अस्पताल की मूलभूत सुविधाएं ही भरोसेमंद नहीं हैं, तो यह चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

अंधेरे में डूबे मेडिकल अस्पताल की यह तस्वीर सिर्फ एक बिजली कटौती की घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जवाबदेही तय करते हैं या फिर यह घटना भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

The Mirror MP

वेंकटेश कोरी — निदेशक एवं संपादक — The Mirror MP — जबलपुर में पिछले 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश कोरी ने लोकल, रीजनल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया/वेब के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया है। न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग, वॉयस ओवर, टॉक शो एवं ग्राउंड रिपोर्टिंग में व्यापक अनुभव रखने वाले वेंकटेश कोरी वर्तमान में अनेक नेशनल न्यूज़ चैनलों के लिए जबलपुर से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शैक्षणिक योग्यता : • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल • बैचलर ऑफ कॉमर्स (कंप्यूटर एप्लीकेशन) (B.Com CA) • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (BJC) • मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) • मास्टर ऑफ आर्ट्स फिलॉसफी (MA.Phil.) • वर्तमान में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (MJC) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

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