Madhya Pradesh

शराब ठेके पर खूनी बवाल: ओवररेटिंग के आरोप, मारपीट और तोड़फोड़ के बीच आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल

शराब ठेके पर खूनी बवाल: ओवररेटिंग के आरोप, मारपीट और तोड़फोड़ के बीच आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल

 

जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित चुंगी नाका शराब दुकान एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद इतना बढ़ा कि मामला मारपीट, तोड़फोड़ और गंभीर आरोपों तक पहुंच गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सवाल आबकारी विभाग, शराब ठेकेदार और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं।

विश्वकर्मा कॉलोनी करमेता निवासी अमित यादव ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई आकाश यादव शराब खरीदने चुंगी नाका स्थित शराब दुकान पहुंचा था। आरोप है कि वहां बीयर प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर बेची जा रही थी। विरोध करने पर विवाद शुरू हो गया। अमित यादव का कहना है कि दुकान कर्मचारियों ने उसके भाई का मोबाइल छीन लिया और बाद में दोनों को दुकान के अंदर ले जाकर लाठी, डंडे और रॉड से बेरहमी से पीटा गया।

वहीं शराब दुकान के सेल्समैन आकाश चौधरी और कर्मचारी अमित कोरी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि अमित यादव और आकाश यादव मुफ्त में शराब मांग रहे थे। मना करने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ दुकान में घुसकर मारपीट की, गल्ले से नकदी निकाली और शराब की बोतलों में तोड़फोड़ की।

दोनों पक्षों के आरोप अपनी जगह हैं और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन यह घटना शराब दुकानों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि वास्तव में ओवररेटिंग हो रही थी तो आबकारी विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की? यदि दुकान में ग्राहकों के साथ मारपीट हुई तो ठेकेदारों के कर्मचारियों को इतनी छूट किसने दी? और यदि दुकान में उपद्रव हुआ तो सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?

शहर में लंबे समय से शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके आबकारी विभाग की कार्रवाई अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। ऐसा लगता है कि विभाग शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदारों की मनमानी लगातार बढ़ रही है। कई दुकानों पर ग्राहकों के साथ अभद्रता और विवाद की शिकायतें आम हो गई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौके पर दिखाई नहीं देते। वहीं पुलिस भी अक्सर घटनाओं के बाद कार्रवाई करती है, जबकि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी की आवश्यकता है।

फिलहाल माढ़ोताल थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि जांच में सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है और क्या आबकारी विभाग, शराब ठेकेदारों तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाती है या नहीं।

The Mirror MP

वेंकटेश कोरी — निदेशक एवं संपादक — The Mirror MP — जबलपुर में पिछले 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश कोरी ने लोकल, रीजनल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया/वेब के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया है। न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग, वॉयस ओवर, टॉक शो एवं ग्राउंड रिपोर्टिंग में व्यापक अनुभव रखने वाले वेंकटेश कोरी वर्तमान में अनेक नेशनल न्यूज़ चैनलों के लिए जबलपुर से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शैक्षणिक योग्यता : • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल • बैचलर ऑफ कॉमर्स (कंप्यूटर एप्लीकेशन) (B.Com CA) • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (BJC) • मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) • मास्टर ऑफ आर्ट्स फिलॉसफी (MA.Phil.) • वर्तमान में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (MJC) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

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