Madhya Pradesh

भाजपा प्रशिक्षण वर्ग में ‘वीआईपी एंट्री’ से गरमाई सियासत

आमंत्रण सूची से बाहर बताए जा रहे चेहरों की मौजूदगी पर उठे सवाल, लग्जरी इंतजामों ने भी बढ़ाई कार्यकर्ताओं की नाराजगी

 

जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के हालिया संगठनात्मक प्रशिक्षण वर्ग में इस बार वैचारिक मंथन से ज्यादा चर्चा “विशेष मेहमानों” की एंट्री और लग्जरी व्यवस्थाओं की रही। पार्टी के भीतर अनुशासन और सादगी का संदेश देने वाले इस आयोजन में कुछ ऐसे चेहरे पूरे समय सक्रिय नजर आए, जिन्हें आधिकारिक आमंत्रण सूची में शामिल नहीं बताया जा रहा। यही वजह रही कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी संगठन के भीतर दबी जुबान में चर्चाओं का दौर जारी है। सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण वर्ग में केवल चयनित पदाधिकारियों, मंडल प्रभारियों और अधिकृत कार्यकर्ताओं को ही बुलाया गया था। बावजूद इसके भाजपा नेता सोनू बचवानी सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कई लोगों को चौंका दिया। खास बात यह रही कि इन चेहरों की कार्यक्रम स्थल पर सक्रियता को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने आपत्ति भी जताई, लेकिन जिम्मेदार पदाधिकारियों ने मामले पर चुप्पी साधे रखी।

“पास नहीं, फिर भी खास?”-
कार्यकर्ताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि जब प्रवेश के नियम तय थे तो आखिर कुछ लोगों को विशेष अनुमति किस आधार पर मिली। भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर के करीबी माने जाने वाले कुछ कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर भी कानाफूसी होती रही। कई पुराने कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी “विशेष कृपा” का दौर चलेगा तो समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होगा।

सादगी छोड़ ‘लक्जरी मॉडल’ पर चर्चा-
भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग हमेशा सादगी और अनुशासन के लिए पहचाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार कार्यक्रम में दिखाई गई विशेष व्यवस्थाओं ने भी कार्यकर्ताओं को हैरान किया। अंदरखाने चर्चा रही कि कुछ लोगों के लिए अलग स्तर की सुविधाएं और व्यवस्थाएं की गईं। पुराने कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी की पहचान जमीन से जुड़े संगठन की रही है, ऐसे में अत्यधिक तामझाम संगठन की मूल कार्यशैली से मेल नहीं खाता।

संगठन में उठे पारदर्शिता के सवाल-
पूरे घटनाक्रम के बाद अब संगठन के भीतर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों में भी प्रोटोकॉल और अनुशासन के नियम सभी पर समान रूप से लागू हो रहे हैं। हालांकि किसी वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस विवाद पर खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन प्रशिक्षण वर्ग की चर्चा अब वैचारिक सत्रों से ज्यादा “वीआईपी एंट्री” और “विशेष व्यवस्थाओं” को लेकर हो रही है।

The Mirror MP

वेंकटेश कोरी — निदेशक एवं संपादक — The Mirror MP — जबलपुर में पिछले 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार वेंकटेश कोरी ने लोकल, रीजनल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया/वेब के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया है। न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग, वॉयस ओवर, टॉक शो एवं ग्राउंड रिपोर्टिंग में व्यापक अनुभव रखने वाले वेंकटेश कोरी वर्तमान में अनेक नेशनल न्यूज़ चैनलों के लिए जबलपुर से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शैक्षणिक योग्यता : • डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (DCA) – माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल • बैचलर ऑफ कॉमर्स (कंप्यूटर एप्लीकेशन) (B.Com CA) • बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (BJC) • मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) • मास्टर ऑफ आर्ट्स फिलॉसफी (MA.Phil.) • वर्तमान में मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन (MJC) की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

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