Madhya Pradesh

जबलपुर में अवैध स्क्रैप माफिया पर क्राइम ब्रांच-अधारताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, बिना वैध दस्तावेज वाहनों को काटकर किया जा रहा था कारोबार

अवैध स्क्रैप माफिया पर क्राइम ब्रांच-अधारताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, बिना वैध दस्तावेज वाहनों को काटकर किया जा रहा था कारोबार

जबलपुर। शहर में अवैध वाहन स्क्रैपिंग के गोरखधंधे पर क्राइम ब्रांच और अधारताल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है। खजरी खिरिया स्थित एक गैराज में बिना वैध अनुमति और दस्तावेजों के वाहनों को काटकर स्क्रैप में तब्दील किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कटे हुए वाहनों के पुर्जे जब्त कर दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शेख आरिफ के गैराज में अवैध रूप से वाहन काटे जा रहे हैं। सूचना पर संयुक्त टीम ने दबिश दी, जहां एक वाहन डीएल 1 एलआर 9698 में स्क्रैप लोड मिला। पूछताछ में गैराज संचालक 37 वर्षीय शेख आरिफ निवासी बेलबाग ने स्वीकार किया कि उसने कई वाहनों एमपी 20 सीए 6862, एमपी 20 एफए 6828 और एमपी 20 एफ 6243 को काटकर स्क्रैप में बदल दिया है। मौके पर एक अन्य कार एमपी 20 सीसी 7962 इंडिका विस्टा आधी कटी हुई हालत में भी मिली।

नहीं दिखा पाए कागजात-
जांच के दौरान आरोपी वैध दस्तावेज, स्क्रैपिंग परमिट, गुमास्ता लाइसेंस, आरटीओ में रजिस्ट्रेशन सरेंडर के दस्तावेज या वाहन मालिकों की सहमति से जुड़े कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे स्पष्ट हुआ कि पूरे नेटवर्क द्वारा नियमों को दरकिनार कर अवैध लाभ कमाया जा रहा था।

वारदातों में प्रयुक्त होने की संभावना-
पुलिस ने आशंका जताई है कि इन वाहनों का इस्तेमाल पूर्व में किसी आपराधिक गतिविधि में भी हुआ हो सकता है। फिलहाल जब्त स्क्रैप और वाहनों के पुर्जों के आधार पर धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए शेख आरिफ और अरबाज (26) निवासी छोटी ओमती के खिलाफ धारा 318(1), 61(2) बीएनएस एवं म.प्र. मोटर कराधान अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका-
इस कार्रवाई में टीआई अधारताल प्रवीण कुमरे एवं क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के निर्देशन में एएसआई कैलाश मिश्रा, प्रशांत सोलंकी, प्रधान आरक्षक अटल जंघेला, वीरेन्द्र सिंह, आरक्षक अजीत, विनय, सत्येन्द्र विसेन तथा अधारताल थाना के एएसआई अशोक पाण्डे, प्रधान आरक्षक प्रेमलाल विश्वकर्मा, सुग्रीव तिवारी, आरक्षक अंकुर मिश्रा, मानवेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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