Madhya Pradesh

लावारिस शवों को मिली सम्मानजनक विदाई, ‘मोक्ष’ टीम ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी, एक अज्ञात युवक का तिलवारा घाट पर अंतिम संस्कार, दूसरे शव का संस्कार आज, सिस्टम की खामियों के बीच मानवीय पहल

लावारिस शवों को मिली सम्मानजनक विदाई, ‘मोक्ष’ टीम ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी, एक अज्ञात युवक का तिलवारा घाट पर अंतिम संस्कार, दूसरे शव का संस्कार आज, सिस्टम की खामियों के बीच मानवीय पहल

जबलपुर। समाज में मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘मोक्ष’ संस्था ने दो लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। सोमवार को तिलवारा घाट, नर्मदा तट पर एक अज्ञात युवक का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया, जबकि दूसरे शव का संस्कार अगले दिन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, लगभग 25 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक थाना गढ़ा क्षेत्र में भोपाल बायपास के पास लावारिस हालत में बीमार अवस्था में मिला था। उसे उपचार के लिए मोक्ष आश्रय मेडिकल में भर्ती कराया गया, जहां एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का कोई पता नहीं चलने पर संस्था ने आगे आकर अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली।
पुलिस की आवश्यक प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को तिलवारा घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ युवक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ‘मोक्ष’ टीम के आशीष ठाकुर के नेतृत्व में योगेश कोरी, वीरू बरमन, प्रशांत श्रीवास सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संस्था के अनुसार, एक अन्य लगभग 60 वर्षीय अज्ञात पुरुष के शव की सूचना मिलने पर उसका अंतिम संस्कार भी मोक्ष टीम द्वारा किया जाएगा। ऐसे मामलों में जहां परिजन सामने नहीं आते, वहां यह टीम निस्वार्थ भाव से अंतिम संस्कार कर मानवता का परिचय दे रही है। यह घटना एक ओर जहां सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर सिस्टम की कमजोरियों को भी उजागर करती है, जहां बेसहारा लोगों की समय पर समुचित देखभाल नहीं हो पाती।

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